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बी.ए. तृतीय वर्ष (GE-1)

आस्तित्ववादी अवधारणा को स्पष्ट करते हुए भारतीय साहित्य पर इसके प्रभाव को स्पष्ट करें

जब कोई सिद्धांत बहुतायत में प्रचारित हो जाता है तो वह “वाद” बन जाता है | मनुष्य का जीवन परिस्थितियों से प्रभावित होता है| “आस्तित्ववाद” एक ऐसी विचारधारा है जिसमें आस्तित्व को तत्व से ऊपर समझा जाता है|

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