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बी.ए. तृतीय वर्ष (GE-1)

भारतीय साहित्य में राष्ट्रीय चेतना पर प्रकाश डालिए

भारतीय साहित्य में “राष्ट्र” शब्द का प्रयोग वैदिक काल से ही होता रहा है| मानव की सहज सामुदायिक भावना ने समूह को जन्म दिया, जो कालांतर में राष्ट के रूप में स्थापित हुआ| राष्ट्र एक समुच्चय है, कुलक है, और राष्टीयता एक विशिस्ट भावना है| जिस जन समुदाय में एकता की एक सहज लहर हो, उसे राष्ट्र कहते हैं |

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