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बी.ए. तृतीय वर्ष (GE-1)

रवीन्द्रनाथ टैगोर का जीवन परिचय

रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक थे| रवीन्द्रनाथ टैगोर “गुरुदेव” नाम से भी प्रसिद्ध थे| रवीन्द्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई 1861 को कोलकाता के जोड़ासांको ठाकुर बाड़ी में हुआ | इनके पिता का नाम देवेंद्रनाथ ठाकुर और माता का नाम शारदा देवी था|Read More

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रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा रचित गीतांजलि की मुख्य विशेषताएं बताइए

रवीन्द्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्य के एकमात्र नोबेल पुरस्कार विजेता तथा साहित्य,संगीत,चित्रकला, दर्शन एवं विविध विधाओं को समृद्ध करने वाले विश्वविख्यात व्यक्ति हैं| वे एकमात्र ऐसे कवि हैं जिनकी दो रचनाएं दो देशों का राष्ट्रगान हैं|Read More

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चंद्रम्मा अथवा चंद्री का चरित्र चित्रण कीजिए

संस्कार उपन्यास यू आर अनंतमूर्ति द्वारा रचित युगांतकारी उपन्यास है| उपन्यास या कहानी पढ़ने के बाद घटनाएं याद रहें या न रहें, चरित्र याद रह जाते हैं | वही उपन्यास युगांतर सिद्ध होता है, जिसके पात्र पाठकों के मन में अपना स्थान बना पाने में सफल होते हैं क्योंकि इन चरित्रों के साथ ही हम […]

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नारणप्पा का चरित्र चित्रण कीजिए

उपन्यास “संस्कार” में पूरा कथानक नारणप्पा के इर्द-गिर्द ही घूमता रहता है| कोई भी रचना महान एवं महत्वपूर्ण तभी बनती है जब उसमें संघर्ष की स्थिति बनी रहे| यह संघर्ष दो व्यक्तियों के बीच न होकर दो जीवन मूल्यों के बीच हो तो रचना और भी अधिक सशक्त हो जाती है|READ MORE

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प्राणेशाचार्य का चरित्र-चित्रण कीजिए

संस्कार उपन्यास यू आर अनंतमूर्ति द्वारा रचित एक युगांतकारी उपन्यास है| यह उपन्यास किसी एक विषय बस्तु तक ही केंद्रित नहीं है| उपन्यास में हिन्दू धर्म के सामाजिक और अध्यात्मिक पहलुओं की भी विवेचना है|प्राणेशाचार्य इस उपन्यास का नायक है क्या तुम भी इस प्रकार की यंत्रणा से गुजरे थे? महाबल क्या तुम्हें भी इस […]

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संस्कार उपन्यास में लेखक ने किन समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है?

भारतीय सारस्वत एवं बौद्धिक और कलात्मक जगत में उड्डपी रंगनाथाचार्य अनंतमूर्ति का नाम अत्यंत प्रभावशाली रहा है| एक सृजनात्मक लेखक, सामाजिक, सांस्कृतिक तथा राजनीति के आलोचक के रूप में अनंतमूर्ति भारतीय साहित्य की प्रतिनिधि हस्ती माने जाते हैं Read More….

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‘ संस्कार ‘ उपन्यास के शीर्षक संबंधी धारणाओं को स्पष्ट करें या ‘संस्कार’ के नामकरण का औचित्य बताएं

शीर्षक किसी भी रचना का प्राणतत्व होता है| शीर्षक इतना सशक्त एवं प्रभावशाली होना चाहिए कि वह समस्त रचना के उदेश्य एवं भाव स्पष्ट करें…… READ MORE

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संस्कार उपन्यास का सार

संस्कार’ उपन्यास कन्नड भाषा के सर्वप्रसिद्ध साहित्यकार यू आर अनंतमूर्ति (डॉक्टर उड्डपी राजगोपालचार्य अनंतमूर्ति ) द्वारा रचित उपन्यास है| ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता अनंतमूर्ति सिर्फ कन्नड साहित्य के ही नहीं बल्कि आधुनिक भारतीय साहिय के भी प्रमुख साहियाकारों में से एक है … Read More

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मार्क्सवादी दर्शन का भारतीय साहित्य पर क्या प्रभाव पड़ा ?

मार्क्सवाद एक वैज्ञानिक विचारधारा है जिसके प्रणेता कार्ल मार्क्स थे|

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आस्तित्ववादी अवधारणा को स्पष्ट करते हुए भारतीय साहित्य पर इसके प्रभाव को स्पष्ट करें

जब कोई सिद्धांत बहुतायत में प्रचारित हो जाता है तो वह “वाद” बन जाता है | मनुष्य का जीवन परिस्थितियों से प्रभावित होता है| “आस्तित्ववाद” एक ऐसी विचारधारा है जिसमें आस्तित्व को तत्व से ऊपर समझा जाता है|