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अज्ञेय द्वारा रचित ‘कलगी बाजरे की’ कविता की विशेषताएँ

अज्ञेय प्रयोगवादी कविता के प्रवर्तक कवि माने जाते हैं| वे हिंदी के ऐसे साहित्यकार हैं जिन्होंने हिंदी की हर विधा को समृद्ध किया| अज्ञेय की रचनाओं की संख्या 50 से अधिक है| उनकी काव्य संबंधी मान्यताएं निश्चित थी| अज्ञेय प्रयोगवाद के प्रवर्तक थे परंतु उनके काव्य पर छायावादी प्रभाव भी कम न था| उनका साहित्य […]

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‘यह दीप अकेला’ कविता की विशेषताएँ।

‘यह दीप अकेला’ कविता अज्ञेय द्वारा रचित काव्य संग्रह ‘बावरा अहेरी’ से ली गई है| अज्ञेय पर सदैव साहित्य जगत में यह आरोप लगते रहे कि वे व्यक्तिवादी हैं, क्योंकि प्रयोगवादी काव्यधारा व्यक्ति को ही अधिक महत्व देती रही है तथा समाज की उपेक्षा करती है और अज्ञेय इसी काव्यधारा के प्रवर्तक रहे हैं| यह […]

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मुक्तिबोध द्वारा रचित एक रग का राग

‘एक रग का राग’ कविता गजानन माधव मुक्तिबोध के काव्य संग्रह ‘भूरि-भूरि खाक धूल’ में संकलित अत्यंत प्रासंगिक कविता है | इस कविता में कवि कहते हैं कि मनुष्य के भीतर के आत्म-संस्कार, आत्म-आलोचना और आत्मा की आवाज आज भ्रष्ट व्यवस्था में दब चुकी है या कुचली जा रही है | यह मनुष्य की रगों […]

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मुक्तिबोध द्वारा रचित कविता भूल-गलती

गजानन माधव मुक्तिबोध आधुनिक युग में प्रगतिवादी और प्रयोगवादी कविता में महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं। उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से सुधरी और मानवतावादी परंपरा को आगे बढ़ाया। सौंदर्य प्रेम और मानव-मात्र का सुख-दुख उनके काव्य के शाश्वत् विषय हैं। उनका काव्य आत्मान्वेषण और आत्माभिव्यक्ति की खोज का काव्य है। वे किसी वाद के गुलाम […]