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कुंवर नारायण द्वारा कविता नचिकेता की वर्तमान संदर्भों में प्रासंगिकता

कुंवर नारायण ‘नई कविता’ आंदोलन के प्रमुख कवि हैं| उन्होंने अपनी कविताओं में इतिहास और पौराणिक मिथकों के जरिए वर्तमान की स्थितियों-परिस्थतियों का विवेचन किया है| अज्ञेय द्वारा संपादित ‘तीसरे सप्तक’ में कुंवर नारायण का स्थान प्रमुख कवि के रूप में हैं| वे बहुभाषाविद् तथा अध्ययनशील प्रवृति के व्यक्ति थे| उनके काव्य में एक ओर […]

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भवानी प्रसाद मिश्र द्वारा रचित कविता कहीं नहीं बचे है

भवानी प्रसाद मिश्र की कविता ‘कहीं नहीं बचे हैं’ वर्तमान समय में पर्यावरण के विनाश की भयावहता का चित्रण करती है| प्रकृति मिश्र जी की कविताओं में सर्वत्र अपने पूरे वैभव के साथ विद्यमान रहती है| प्रकृति के साथ उनका गहरा लगाव है| वर्तमान मानव अपने स्वार्थों की बेदि पर प्रकृति का मनोहारी एवं पालक […]

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भवानी प्रसाद मिश्र द्वारा रचित कविता गीत-फ़रोश की विशेषताएं

‘गीत फ़रोश’ कविता भवानी प्रसाद मिश्र द्वारा रचित अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रभावशाली कविता है| भवानी प्रसाद मिश्र हिन्दी के प्रसिद्ध कवि और गांधीवाद विचारक के रूप में प्रसिद्ध हैं| वे दूसरे ‘तारसप्तक’ के प्रमुख कवि हैं| वे श्रम के महत्त्व को अपनी कविताओं में प्रतिपादित करते हैं तथा श्रमशील व्यक्तियों का गुणगान करते हैं| उनके […]