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वाक्य शुद्धि

व्याकरण के नियमानुसार वाक्य में आई अशुद्धि को दूर कर उसे पुनः शुद्ध रूप में लिखना ही वाक्य शुद्धि कहलाता है | वाक्य शुद्धि के उदाहरण

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शब्द शुद्धि

भाषा प्रयोग करते समय शब्दों को हम ध्वनि के आधार पर लिखित रूप दे देते हैं, जो कई बार लिपि की दृष्टि से अशुद्ध हो जाता है। जब उन शब्दों को व्याकरण के नियमानुसार शुद्ध करके लिखा जाता है, तो उसे शब्द-शुद्धि कहा जाता है। शब्द शुद्धि के उदाहरण –

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लोकोक्तियों के उदाहरण

लोकोक्ति का सही अर्थ ‘लोक की उक्ति है। जब सामान्य उक्ति धीरे-धीरे इतनी प्रचलित हो जाती है कि जुबान पर ऐसे मौकों पर आती है जब उसकी सार्थकता हो और सामने वाले व्यक्ति पर अपना अचूक प्रभाव डालें ताकि वह मर्माहत हो जाए। लोकोक्तियों का अर्थ एवं विशेषताएँ लोकोक्तियों के उदाहरण

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लोकोक्तियों का अर्थ एवं विशेषताएँ

लोकोक्ति का सही अर्थ ‘लोक की उक्ति है। जब सामान्य उक्ति धीरे-धीरे इतनी प्रचलित हो जाती है कि जुबान पर ऐसे मौकों पर आती है जब उसकी सार्थकता हो और सामने वाले व्यक्ति पर अपना अचूक प्रभाव डालें ताकि वह मर्माहत हो जाए। किसी पर व्यंग्य करने के लिए इससे अच्छा रामबाण और कुछ नहीं […]

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मुहावरों का अर्थ एवं विशेषताएँ

जीवन और साहित्य का घनिष्ठ संबंध है। प्रत्येक साहित्य में मुहावरों का विशेष स्थान होता है। लोक साहित्य में मुहावरों की अति महत्वपूर्ण भूमिका है। मुहावरों का प्रयोग विशेष रूप से वाक्य को और अधिक रोचक और प्रभावशाली बनाने के लिए किया जाता है। ‘मुहावरा’ अरबी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है, ‘अभ्यास’ या […]

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अनुवाद का महत्त्व

बीसवीं सदी को अनुवाद का युग कहा गया है। यद्यपि अनुवाद सबसे प्राचीन व्यवसाय या व्यवसायों में से एक कहलाता है तथापि उसे जो महत्त्व बीसवीं सदी में प्राप्त हुआ वह उससे पहले उसे नहीं मिला ऐसा माना जाता है। वर्तमान यग में अधिकतर राष्ट्रों में यदि एक भाषा प्रधान है तो एक या अधिक […]

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अनुवाद के प्रमुख प्रकार

वर्तमान युग में अनुवाद एक स्वतंत्र विषय के रूप में अपनी विशेष पहचान बना चुका है। विश्व सभ्यता के विकास में अनुवाद की सराहनीय भूमिका रही है।यह भूमिका साहित्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र तक ही नहीं अपितु सामाजिक सांस्कृतिक और अन्य कई संदर्भों में भी सराहनीय रही है क्योंकि अनुवाद ही वह अकेला माध्यम […]

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अनुवाद (Translation)का अर्थ एवं परिभाषाएँ

वर्तमान युग को अनुवाद का युग कहा जाए तो कोई अत्युक्ति नहीं होगी। भारत में अनुवाद की परम्परा प्राचीन काल से ही चली आ रही है। कहते हैं अनुवाद उतना ही प्राचीन जितनी कि भाषा। आज ‘अनुवाद’ शब्द हमारे लिए कोई नया शब्द नहीं है। विभिन्न भाषायी मंच पर, साहित्यिक पत्रिकाओं में, अखबारों में तथा […]

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प्रतिवेदन (Report) का अर्थ एवं प्रमुख तत्त्व

सरकारी कार्यालयों में लेखन की अनेक पद्धतियां होती है। इन पद्धतियों में प्रतिवेदन लेखन विशेष महत्त्व रखती है। प्रतिवेदन अंग्रेजी के रिपोर्ट (Report) शब्द के अर्थ में प्रयुक्त होता है। समाचार पत्र के लिए किसी घटना अथवा दुर्घटना का विवरण रिपोर्ट या प्रतिवेदन है। किसी सामाजिक अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम के विवरण को भी प्रतिवेदन कहा […]

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प्रयोजनमूलक हिंदी यूनिट 1 बी. ए./बी. कॉम प्रथम वर्ष अनिवार्य हिन्दी

प्रारूपण (Drafting) का अर्थ एवं विशेषताएँ

सरकारी पत्राचार में प्रारूपण लेखन का विशेष महत्त्व होता है। कार्यालयों में जब किसी व्यक्ति, संस्था या किसी अन्य कार्यालय, मंत्रालय को कोई पत्र लिखा जाता है, तो उससे पहले उस पत्र का कच्चा रूप तैयार कर लिया जाता है, पत्र का वह कच्चा रूप ही प्रारूपण कहलाता है। इस कच्चे प्रारूप को पहले अधिकारी […]