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भक्तिकाल की प्रमुख काव्यधाराएं

हिंदी साहित्य के मध्यकाल को दो भागों में विभाजित किया गया है-पूर्व मध्यकाल तथा उत्तर मध्यकाल। पूर्व मध्यकाल को भक्तिकाल तथा उत्तर मध्यकाल को रीतिकाल कहा गया है। भक्तिकाल हिंदी साहित्य का सर्वश्रेष्ठ युग है जिसे विद्वानों ने स्वर्ण युग की संज्ञा दी गई है। भक्ति काल की समय सीमा संवत 1375 से लेकर संवत […]

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भक्ति आंदोलन के प्रमुख कारण

प्राचीन काल से ही मनुष्य को मोक्ष प्राप्ति के लिए तीन मार्गों का ज्ञान दिया गया है। यह मार्ग है कर्म मार्ग, ज्ञान मार्ग और भक्ति मार्ग। धर्म और ज्ञान का अनुसरण ही भक्ति मार्ग का प्रतीक है। भक्ति का अस्तित्व भारत में प्राचीन काल से ही है। अपने आराध्य देव के प्रति श्रद्धा एवं […]

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भक्ति काल की परिस्थितियां

हिंदी साहित्य के काल विभाजन में दूसरे काल को भक्ति काल की संज्ञा दी गई है। भक्ति काल का समय संवत 1375 से लेकर सवत 1700 तक निर्धारित किया गया है। साहित्य समाज की उपज होता है और समाज से कटकर साहित्य की कोई उपयोगिता नहीं रहती। साहित्यकार स्वयं भी समाज की उपज होता है […]