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द्वितीय वर्ष यूनिट-3

पारिभाषिक शब्दावली से क्या अभिप्राय है?

पारिभाषिक शब्दावली से क्या अभिप्राय है? पारिभाषिक शब्दों का स्वरूप अथवा विशेषताएं बताइए।

पारिभाषिक शब्द किसी विशेष विषय से संबंधित तकनीकी शब्द होते हैं| प्रत्येक विषय, जैसे कला, विज्ञान, समाज, प्रशासन साहित्य की अपनी विशिष्ट शब्दावली होती है| उदाहरणस्वरूप किसी एक शब्द का अर्थ साहित्य में कुछ और हो सकता है, प्रशासन में कुछ और तथा वाणिज्य में कुछ और संदर्भ में उसका प्रयोग किया जा सकता है|

जैसे – issue

‘Issue’ शब्द वाणिज्य में ‘जारी’ के लिए प्रयुक्त होता है, प्रशासन में ‘नवजात शिशु’ के लिए तथा राजनीतिक शब्दावली में ‘मुद्दा या मसला’ के रूप में प्रयोग किया जाता है|

इन शब्दों की विषय संबंधी एक विशेष परिभाषा होती है, इसलिए इन्हे पारिभाषिक शब्द कहा जाता है|

जैसे – ‘रेखित चैक’ (क्रासड चैक) का अर्थ होता है, “वह चैक जो प्रस्तुतकर्ता के खाते में ही जमा हो सकता है| यह ‘रेखित चैक’ की परिभाषा है|

पारिभाषिक शब्दों का निर्माण यह सिद्ध करता है कि वह भाषा अधिकाधिक वैज्ञानिक ज्ञान-विज्ञान में प्रयुक्त हो रही है| विकासशील समाज में नई तकनीकें आती हैं और उनसे जुड़े पारिभाषिक शब्द प्रचलित होने लगते हैं| पारिभाषिक शब्दावली का विवेचन भाषावैज्ञानिक और समाज भाषावैज्ञानिक दोनों स्तरों पर संभव है|

पारिभाषिक शब्दावली की परिभाषाएँ :-

रैण्डम हाउस शब्दकोश के अनुसार, “विशिष्ट विषय, जैसे विज्ञान अथवा कला, की तकनीकी अभिव्यक्ति के लिए निशिचत विशिष्ट अर्थ में प्रयुक्त एक शब्द, अधिकांशत: कला का शब्द, पारिभाषिक शब्द कहलाता है|”

गोपाल शर्मा के अनुसार “पारिभाषिक शब्द वह होता है जो किसी ज्ञान विशेष के क्षेत्र में एक निशिचत अर्थ में प्रयुक्त होता हो तथा जिसका अर्थ एक परिभाषा द्वारा स्थिर किया गया हो |”

भोलानाथ तिवारी के अनुसार “पारिभाषिक शब्द ऐसे शब्दों को कहते हैं जो रसायन, भौतिकी, दर्शन, राजनीति आदि विभिन्न विज्ञानों या शास्त्रों के शब्द होते हैं तथा जो अपने-अपने क्षेत्र में विशिष्ट अर्थ में सुनिश्चित रूप से परिभाषित होते हैं | अर्थ और प्रयोग की दृष्टि से निश्चित रूप से परिभाषित होने के कारण ही ये शब्द पारिभाषिक शब्द कहे जाते हैं”|

इस प्रकार कहा जा सकता है कि पारिभाषिक शब्द वे शब्द हैं जो किसी विशिष्ट विषय से संबंधित होते हैं और उस विषय के शब्दों को परिभाषित करते हैं|

पारिभाषिक शब्दावली की विशेषताएँ:-

(1)पारिभाषिक शब्द अभिधात्मक होते हैं :-

 पारिभाषिक शब्द लक्षणा और व्यंजना शैली में नहीं होते हैं| यह शब्द विषय विशेष से जुड़े होते हैं अत: उनके अर्थ उसी विषय को ध्यान में रखकर प्रयुक्त किए जाते हैं| उदाहरण स्वरूप ‘गधा’ शब्द सामान्य रूप से लाक्षणिक अर्थ में किसी मूर्ख व्यक्ति के लिए प्रयुक्त होगा परंतु प्राणिविज्ञान में इसका अर्थ ‘पशु’ विशेष का ही सूचक होगा|

(2) यह विषय सापेक्ष होते हैं :-

प्रत्येक पारिभाषिक शब्द किसी न किसी शास्त्र, व्यवहारिक क्षेत्र अथवा विज्ञान शाखा से जुड़े होते हैं और उस विषय क्षेत्र के संदर्भ में ही उसका अर्थ निशिचत होता है| पारिभाषिक शब्दों की बाहरी सरंचना से जो अर्थ मिलता है उससे कहीं ज्यादा अर्थ तकनीकी परिभाषा में निहित होता है|

(3) पारिभाषिक शब्दों के अर्थ रूढ़ हो जाते हैं :-

पारिभाषिक शब्द विषय क्षेत्र में व्यवहार में बने रहते हैं और अभीष्ट तकनीकी अर्थों में रूढ़ हो जाते हैं| जो शब्द व्यवहार और प्रचलन में नहीं आ पाते वे निरर्थक बनकर रह जाते हैं| उदाहरण स्वरूप ‘रेलगाड़ी’ के लिए ‘लोहपथगामिनी’ शब्द प्रचलित नहीं हो सका, इसके लिए ‘रेलगाड़ी’ ही रूढ़ हो गया है|

(4) पारिभाषिक शब्दों के अर्थों का सूक्ष्मीकरण करते हैं :-

पारिभाषिक शब्दों के अर्थ किसी ज्ञान-शाखा विशेष से जुड़े होने के कारण अर्थ को सीमित या सूक्ष्म बनाते हैं| तकनीकी भाषा में मूलत: गूढ या कूट शब्द, सूत्र, रेखाचित्र, प्रतीक, संकेताक्षर, विशिष्ट चिह्न आदि इसी सूक्ष्मीकरण के उदाहरण है| यदि किरण (ray), किरणपुंज (Beam) और विकिरण (Radiation) में भी तत्वों के आधार पर अंतर किया जाता है|

(5) पारिभाषिक शब्दों का अर्थ स्पष्ट और सुनिश्चित होता है :-

पारिभाषिक शब्द विषय में स्पष्ट और सुनिश्चित अर्थ की अभिव्यक्ति करते हैं| उदाहरणस्वरूप-

 ‘Account’ – ‘खाता’  

‘Allowance’ – भत्ता

‘Appointment’ – नियुक्ति

‘Circular’ – परिपत्र आदि |

(6) पारिभाषिक शब्द एकरूपता लाते हैं :-

सरलता और बोधगम्यता की दृष्टि से समान श्रेणी के पारिभाषिक शब्दों में एकरूपता होना आवश्यक है| असमान और पर्यायवाची शब्दों के प्रयोग को इसमें स्थान न ही दिया जाए तो बेहतर होता है|

(7) पारिभाषिक शब्दों के स्वतंत्र अर्थ होते हैं :-

पारिभाषिक शब्दों में प्रत्येक शब्द का स्वतंत्र अस्तित्व होना चाहिए| साथ ही इन शब्दों में इस तरह की सरंचना हो कि उनमें उपसर्ग या प्रत्यय जोड़कर एक नए शब्द का निर्माण कर लिया जाए|

(8) पारिभाषिक शब्द अल्पाक्षर होने चाहिए :-

पारिभाषिक शब्द अल्पाक्षर होने चाहिए ताकि शब्द का उच्चारण प्रयोक्ता उसे सरलता से प्रयोग कर सके| एक संकल्पना या विषय के शब्द को एक ही अर्थ का परिचालक होना चाहिए| जितना शब्द छोटा होगा उतना ही व्यवहारिक होता जाएगा|

(9) कुछ पारिभाषिक शब्द पूर्ण पारिभाषिक और कुछ अर्द्ध- पारिभाषिक होते हैं :-

‘अणु’ परमाणु, जीनस, स्वनिम रूपिम जैसे शब्द विज्ञान में पूर्ण पारिभाषित है| इसके विपरीत ‘प्रजातन्त्र’ ‘अधिसूचना’, टेंडर आदि शब्द अर्द्ध- पारिभाषिक हैं| इसके अतिरिक्त कुछ ऐसे शब्द भी हैं जो पूर्ण पारिभाषित, अर्द्ध- पारिभाषिक के साथ-साथ सामान्य श्रेणी के भी हैं जैसे – ‘स्पीकर’

सामान्य अर्थ में ‘स्पीकर’ अर्थात वक्ता |

पूर्ण पारिभाषिक रूप में ‘लोकसभा स्पीकर’ तथा अर्द्ध-तकनीकी अर्थ में ‘लाउड-स्पीकर’ शब्द होगा|

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